प्रारंभिक स्तर पर ही विवादों को समाप्त कराने व स्वस्थ समाज के निर्माण की कुंजी है सामुदायिक मध्यस्थता - न्यायमूर्ति श्री विवेक रुसिया
झाबुआ में तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
Khabar Nation
इन्दौर
सामुदायिक मध्यस्थता प्रारंभिक स्तर पर ही विवादों को समाप्त कराकर स्वस्थ समाज के निर्माण की कुंजी है। विवाद मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सामुदायिक मध्यस्थता वैकल्पिक विवाद समाधान का एक प्रभावी माध्यम है। उक्त विचार झाबुआ में 28 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रशासनिक न्यायाधिपति मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर न्यायमूर्ति श्री विवेक रुसिया ने व्यक्त किये। साथ ही न्यायमूर्ति श्री विवेक रुसिया द्वारा इंदौर में सामुदायिक मध्यस्थता के क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामुदायिक मध्यस्थता को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती विधि सक्सेना ने कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है जिसमें एक प्रशिक्षित, तटस्थ मध्यस्थ समुदाय के भीतर लोगों के बीच मतभेदों और विवादों को सुलझाने में मदद करता है। यह एक सुरक्षित और तटस्थ वातावरण प्रदान करता है, जहाँ पक्षकार अपने विवादों पर चर्चा कर अकसर अदालती कार्यवाही और उससे जुड़े खर्चों से बचते हुए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान ढूंढ सकते हैं।
कार्यक्रम में झाबुआ कलेक्टर श्रीमती नेहा मीणा ने झाबुआ में सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र संचालन हेतु हर संभव प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं मास्टर ट्रेनर डॉ. मोहम्मद शमीम, पुलिस अधीक्षक श्री शिवदयाल सिंह गुर्जर, विशेष न्यायाधीश श्री विवेक सिंह रघुवंशी, जिला न्यायाधीश श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा, श्री सुभाष सुनहरे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नितिन कुमार मुजाल्दे, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ श्री शिव कुमार डाबर, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सरोज बाला मुजाल्दे, श्री बलराज मीणा, सिविल न्यायालय पेटलावद से जिला न्यायाधीश श्री ओमप्रकाश बोहरा, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सोहनलाल भगोरा, श्रीमती नेहा मोर्य सोलंकी, सिविल न्यायालय थांदला से न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री गजेन्द्र सिंह रावत, श्री अब्दुल सईद चौधरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, जिला विधिक सहायता अधिकारी उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर श्री दीपक शर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी झाबुआ श्री जयदेव माणिक, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ श्री दीपक भंडारी सहित अधिवक्तागण, अस्सिटेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री विश्वास शाह, जिला न्यायालय व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल श्री रुपेश शर्मा ने तथा आभार प्रदर्शन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री शिव कुमार डाबर ने किया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना गायन व जनजाति कलाकारों द्वारा लोकनृत्य की प्रस्तुति भी दी गई। आगामी 28 अक्टूबर तक आयोजित सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डॉ मोहम्मद शमीम सेवा निवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं श्रीमती विधि सक्सेना प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ द्वारा झाबुआ जिले के छह जनपद के 48 प्रतिभागियों को सामुदायिक मध्यस्थता के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।