नेपानगर की घटना से प्रदेश सरकार की आदिवासीव विरोधी मानसिकता उजागर हुई: चौहान
खबर नेशन/Khabar Nation
भोपाल। कांग्रेस आदिवासी हितैषी होने का ढोंग करती आयी है, लेकिन नेपानगर के बदनापुर में जिस तरीके से कमलनाथ सरकार के अधिकारियों ने आदिवासियों पर कार्रवाही की और उन्हें जमीन से बेदखल करने के लिए गोली चलवाई, वह बेहद ही निदंनीय घटना है। कमलनाथ सरकार सिर्फ जांच के आदेश देकर आदिवासी विरोधी मानसिकता को छुपा नहीं सकती। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक श्री नागर सिंह चौहान ने नेपानगर के बदनापुर वन परिक्षेत्र में वन विभाग की टीम द्वारा आदिवासियों पर किए गए गोली चलाने की घटना की प्रतिक्रिया में कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से आदिवासियों और वनवासियों को अपना वोट बैंक समझकर उनकी आर्थिक उन्नति को रोकने का प्रयास किया। क्योंकि उन्हें यह डर रहा कि अगर आदिवासी पढ़ लिख जायेंगे तो उनका वोट बैंक खत्म हो जायेगा और इसलिए उन्होंने वनवासियों को समाज की मुख्य धारा से जोडने के प्रयास नहीं किए। उन्होंने कहा कि जो आदिवासी वर्षों से पट्टे की जमीन पर खेती कर रहे थे, उन पर कमलनाथ सरकार के अधिकारी अतिक्रमण मुहिम चलाकर जमीन से बेदखल करने का काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि बदनापुर की घटना की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।
चौहान ने कहा कि बदनापुर की घटना को तीन दिन से अधिक बीत चुके है। लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ सिर्फ निष्पक्ष जांच की बात कह रहे है, जबकि ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाही करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हमेशा से गरीब, शोषित, पीड़ित आदिवासियों और वनवासियों पर अत्याचार करती आयी है। उनके अधिकारों के हनन करने का काम इस सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में दिग्विजय मॉडल लागू हो चुका है। जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने इसी तरह मुलताई में संघर्ष कर रहे किसानों पर गोलियां चलवाई थी। कमलनाथ उसी नक्शे कदम पर चलकर गरीब आदिवासियों पर अत्याचार कर रहे है। चौहान ने कहा कि विनाशकाले विपरीत बुद्धि होती है। यह सरकार के समाप्ति के ही संकेत है कि वह गरीबों पर जुल्म कर रही है।