असंवेदनशील सरकार के राज में गूंगी-बहरी हुई पुलिसः विष्णुदत्त शर्मा

राजनीति Jul 08, 2019

खबर नेशन/Khabar Nation   

भोपाल। जब प्रदेश की सरकार और उसका मुखिया ही प्रदेश की जनता के प्रति असंवेदनशील हो, उसके सुख-दुख, उसकी परेशानियों से वास्ता न रखते हों, ऐसे में उस सरकार के अधीन काम करने वाली पुलिस से क्या उम्मीद की जा सकती है? सरकार के रवैये को देखते हुए पुलिस भी गूंगी-बहरी हो गई है और सिर्फ काम की बात ही सुनती है। फिर भले ही प्रदेश का कोई नागरिक एसपी से मिलने की गुहार लगाते-लगाते आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाए, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने प्रदेश के छतरपुर में एसपी से मिलने की मांग कर रहे एक युवक द्वारा खुद को आग लगा लेने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।

विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार जब से सत्ता में आई है, उसके लिए पुलिस और प्रशासन की कसौटी जनता की सुरक्षा, कानून व्यवस्था की स्थापना और जनता के सुख-दुख नहीं हैं। कांग्रेस की यह सरकार अपनी और अपने नेताओं की सहूलियत के लिहाज से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को ताश के पत्तों की तरह फेंट रही है। एक-एक अधिकारी के चार-चार बार तबादले किए जा रहे हैं। जब तक कि स्थानीय नेताओं की आशाओं-आकांक्षाओं के मुताबिक बिलकुल फिट अफसर नहीं मिल जाता, तबादलों का सिलसिला जारी रहता है। ऐसे में पदस्थापना के बाद से ही ये अधिकारी इन उम्मीदों और अपेक्षाओं को पूरा करने में लग जाते है, उन्हें जनता की परवाह के लिए समय ही नहीं होता। 

विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि ऐसा ही छतरपुर में हुआ जहां एक युवक ने एसपी को अपनी समस्या बताने के लिए कई बार निवेदन किया, कई चक्कर लगाए, लेकिन एसपी को उसकी बात सुनने की फुरसत ही नहीं थी। आखिरकार तंग आकर इस युवक ने सोमवार को एसपी ऑफिस में ही आग लगा ली। शर्मा ने कहा यदि कमलनाथ सरकार और पुलिस महकमे के आला अफसरों में थोड़ी भी शर्म बाकी है, तो वे तत्काल छतरपुर एसपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करें।

 विष्णुदत्त शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित युवक को न्याय नहीं मिला, तो भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। 

 

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