भाजपा ने जिला प्रशासन के कांग्रेसीकरण के खिलाफ राजबाड़ा पर दिया धरना
प्रशासन के खिलाफ कार्यकर्ताओं का फूटा आक्रोश
खबर नेशन/Khabar Nation
इंदौर, भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, महामंत्री मुकेशसिंह राजावत, गणेश गोयल, घनश्याम शेर ने बताया कि जिला प्रशासन के कांग्रेसीकरण के खिलाफ आज राजबाड़ा चौक पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
धरना कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने कहा कि यह 6 माह का बदलाव देखिए जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है, प्रदेश में अराजकता का माहौल हो गया है। मुख्यमंत्री हो या कांग्रेस के नेता, किसी को भी जनता और प्रदेश के विकास की कोई चिन्ता नहीं है, ये सिर्फ अपना स्वार्थ साधने में लगे है। सिर्फ तबादला उद्योग चलाया जा रहा है। अधिकारी अपने तबादलों को बचाने में लगे है, अब जनता की फ्रिक किसको ? कांग्रेस के नेता कुछ भी करे, कानून को अपने हाथ में ले तो भी उनके ऊपर किसी तरह की कार्यवाही नहीं की जाती है। जबकि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर तुरंत कार्यवाही की जाती है, यह सिद्ध करता है कि प्रशासन कांग्रेस के दबाव में काम कर रहा है।
भारतीय जनता पार्टी लगातार जनता के पक्ष में आवाज उठाते हुए सरकार को जगाने का कार्य कर रही है। जिला प्रशासन और सभी अधिकारी कांग्रेस के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे है। नगर में कांग्रेस के नेता जो चाहते है अधिकारी वहीं काम कर रहे है, पूरा जिला प्रशासन कांग्रेसमय हो गया है। आज का यह धरना जिला प्रशासन के कांग्रेसीकरण के खिलाफ दिया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में जो कार्यकर्ता यहां पर उपस्थित हुए है यह प्रशासन के खिलाफ कार्यकर्ताओं का आक्रोश है। हम चेतावनी देते है अभी भी प्रशासन का रवैया इसी तरह रहा तो हम सब कार्यकर्ता लगातार जनता के हित में आंदोलन करेंगे।
वरिष्ठ नेता बाबूसिंह रघुवंशी ने कहा कि शासन प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इंदौर नगर निगम परिषद की बजट बैठक में कांग्रेस के नेताओं द्वारा किये गये हंगामे को लेकर कहा कि संविधान के 74वें संशोधन के बाद नगर निगम भी लोकसभा, राज्यसभा के साथ ही संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। जिसका अपमान किसी भी स्थिति में किया जाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। यह लोकतांत्रित व्यवस्था है।
लेकिन कांग्रेस के गुण्डा तत्वों द्वारा इस संवैधानिक संस्था को भी बक्क्षा नहीं गया, और व्यवधान पैदा किया गया, वहां पर हंगामा करने वाले इन गुण्डों के खिलाफ 181 की धारा के अंतर्गत प्रकरण दर्ज होना था, लेकिन नहीं किया गया, वहीं दूसरी ओर लोकतांत्रित तरीके से चुने हुए जनप्रतिनिधि जनता के हितार्थ महिलाओं के अपमान के विरोध में खड़े हुए तो उनके खिलाफ 181 का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। यह कांग्रेसीकरण को दर्शाता है।
प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का कैसा दबाव है यह हमने देखा कि किस तरह खजराना गणेश मंदिर के पूजारी पर लोकसभा प्रत्याशी श्री शंकर लालवानी के द्वारा चोला चढ़ाने पर प्रकरण दर्ज किया गया। साथ ही आपने कहा कि जनता के हित को लेकर जितनी भी लड़ाई हमें लड़ना होगी, हम संवैधानिक दायरे में रहकर प्रजातांत्रिक तरह से लड़ेंगे व जनता के हितार्थ न्याय दिलवायेंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती ने कहा कि कांग्रेस के एक बडे नेता का जन्मदिन केक काटकर जिलाधीश कार्यालय पर कलेक्टर के कक्ष में जन्मदिन मनाया गया, जबकि वहां पर धारा 144 लगी हुई है फिर भी उसमें अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि उनके चहेरे स्पष्ट नजर आ रहे है। यह जिला प्रशासन का कांग्रेसीकरण नहीं है तो क्या है।
प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है तब से लेकर आज तक जनहित में कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है। इसके पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनहितेषी योजनाओं को भी बंद कर दिया गया है जिससे आम जनता परेशान हो रही है।
विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि जिस तरह जिला प्रशासन का कांग्रेसीकरण हो गया है यह सिद्ध करता है कि सभी अधिकारी कांग्रेस नेताओं के लगातार दबाव में काम कर रहे है। जनता के हितों की किसी को चिंता नहीं है। आपने उपस्थित कार्यकर्ताओं को अपनी उपस्थिति देने के लिये धन्यवाद भी दिया।
मधु वर्मा ने स्थानीय शासन व प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर में कांग्रेस के इशारों पर छोटी-छोटी घटनाओं को बड़ा करके हमारे कार्यकर्ताआेंं को परेशान किया जा रहा है। यह सीधा-सीधा जिला प्रशासन का कांग्रेसीकरण होने का उदाहरण है।
धरना आंदोलन में सुमित मिश्रा, श्रेष्ठा जोशी प्रेमनारायण पटेल, गोपालसिंह चौधरी, नारायण पटेल, घनश्याम शेर, कमल वाघेला ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने किया। धरने में प्रमुख रूप से सर्वश्री बाबूसिंह रघुवंशी, जयपालसिंह चावडा, गोपीकृष्ण नेमा, मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, सुदर्शन गुप्ता, जीतू जिराती, महेन्द्र हार्डिया, मधु वर्मा, राजेन्द्र राठौर, मुन्नालाल यादव, अश्विन शुक्ला, रामदास गर्ग, गंगाराम यादव, घनश्याम काकाणी, नंदकिशोर पहाड़िया, प्रशांत बिजलानी, विनीता धर्म, कंचन गिदवानी, सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।