राहुल गांधी का अपराध बोध, गांधीजी ने उद्योगपतियों से कभी परहेज नहीं किया : डॉ.. विजयवर्गीय
खबरनेशन/Khabarnation
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार को उद्योग परस्त बताकर कांग्रेस अध्यक्ष जहां अपराध बोध व्यक्त कर रहे है वहीं राष्ट्र की परंपराओं और सामाजिक सरोकार से अपनी अज्ञानता जता रहे है। आजादी के दौर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दिल्ली में घनश्याम दास बिड़ला के निवास पर ही रूकते थे। गांधी जी ने जीडी बिड़ला के अलावा जमनादास बजाज जैसे उद्योगपति पूंजीपतियों से न तो कभी परदा किया और न परहेज किया लेकिन श्री राहुल गांधी यह जानते हुए कि यूपीए के दौर में पर्दे के पीछे यदि किसी को सत्ता का लाभ पहुंचाया गया है तो कुछ उद्योगपति ही थे। आज जब राष्ट्र नवनिर्माण में जुटा है। उद्योगपति अपनी रचनात्मक भूमिका अदा कर रहे है। इसलिए यदि श्री नरेन्द्र मोदी ने उद्योगपतियों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रोत्साहन दिया है तो उसे अन्यथा नहीं लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दरअसल राहुल गांधी दूसरों पर आरोप लगाकर खुद कांग्रेस का असली चेहरा ही बेनकाब करने में जुटे है। कदाचित उन्हें यह पता नहीं है कि राष्ट्रपिता गांधी का निधन बिड़ला हाउस में ही गोली लगने से हुआ था। कांग्रेस ने जिस भवन में बिड़ला हाउस में निधन हुआ था बिना भवन के मालिक से पूछे ही समूचे भवन को गांधी स्मारक के रूप में घोषित कर दिया था।
डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही एक उद्योगपति घराने ने खूब चांदी कूटी थी और रात्रि के अंधेरे में राजनेताओं का उसके निवास पर तांता लगा रहता था। तब तंज कसा जाता था कि एमएलए और एमपीज की यह भीड़ अंधेरे में क्या करती है ? यह कांग्रेस का चरित्र रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्योग घराने से पारदर्शिता पूर्ण संबंध है। राष्ट्रहित में जितना सरोकार आवश्यक है खुलेपन के साथ होने में किसी को आपत्ति नहीं होना चाहिए। देश की जनता कांग्रेस के असली चरित्र को अच्छी तरह जानती है। फिर भी राहुल गांधी जुमलेबाजी करके हास्य का पात्र बन रहें है।