मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना ने युवाओं को बनाया आत्म-निर्भर

भोपाल। मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना युवाओं के जीवन में खुशहाली लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। योजना के माध्यम से कई युवा अपना रोजगार शुरू कर अपने परिवार का बेहतर भरण-पोषण करने के साथ ही अन्य युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।

मुरैना निवासी राकेश कुमार के जीवन में मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना वरदान बन कर आई। आटो और टेम्पों पर मजदूरी कर बमुश्किल 4000 रुपये कमाकर तंगहाली में जीवन बिताने वाले राकेश कुमार ने मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना की मदद से घर में ही झाडू बनाने का कारखाना खोल लिया हैं। अब वह लगभग 12 हजार रुपये महीने कमा रहा हैं। 

ई-रिक्शा से बढ़ी आमदनी : मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना ने विदिशा के रतन सिंह के जीवन को बदल दिया हैं। रतन सिंह ने मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में एक लाख 70 हजार रुपये का लोन लेकर ई-रिक्शा खरीदा। अब ये ई-रिक्शा से अच्छी-खासी कमाई कर रहा हैं। उन्होंने बताया कि हर महीने लोन की किश्त चुकाने के बाद भी अपने परिवार का बेहतर ढंग से जीवन-यापन कर रहा हैं।

मणिभाई के अनुभवों को मिली उड़ान : विदिशा जिले में बासौदा के कम्प्यूटर में सिद्धहस्त मणिभाई अहिरवार को मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में 5 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हुआ। उन्होंने एम.पी. ऑनलाइन की कम्प्यूटर की दुकान खोल ली। अब प्रति माह लगभग 25 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं। इस योजना ने मणिभाई के परिवार को आर्थिक संबल दिया हैं। आज वह दूसरों को रोजगार देने के लायक बन गया हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)

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