राहुल के टेलेंट पर कमलनाथ के सिपाहसालारों की वक्र दृष्टि

राजनीति Aug 28, 2021


मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग में तनातनी

गौरव चतुर्वेदी / खबर नेशन / Khabar Nation


कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के टेलेंट सर्च पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के सिपाहसालारों की वक्र दृष्टि पड़ रही है । गुटबाजी में बंटी कांग्रेस के मीडिया विभाग में भी कई गुट बन गये हैं । 
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने टेलेंट सर्च के माध्यम से पैनलिस्ट प्रवक्ताओं की नियुक्ति की थी । टेलेंट सर्च को लेकर बकायदा अखबारों में विज्ञापन दिए गए थे । विज्ञापन के बाद कांग्रेस की विचारधारा में रुचि रखने वालों के विभिन्न स्तरों पर इंटरव्यू लिए गए और चयनित टेलेंट को जवाबदारी सौंपी गई थी । अब राहुल गांधी के सर्च किए गए टेलेंट और कमलनाथ के द्वारा मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी में नियुक्त किए गए मीडिया की विभिन्न सेल के प्रभारियों में जमकर तनातनी चल रही है । कमलनाथ ने विभिन्न गुटों के प्रमुख नेताओं के समर्थकों को मीडिया से संबंधित विभिन्न शाखाओं की जबाबदारी सौंप रखी है । पहले तो इन शाखाओं के प्रभारियों के बीच ही समन्वय नहीं है । मीडिया शाखा से जुड़े कई प्रवक्ता आपस में ही बात करना पसंद नहीं करते हैं । फिर इसके बाद इन प्रभारियों ने राहुल गांधी के सर्च किए गए कई टेलेंट को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है ।
पीड़ित टेलेंट गाहे-बगाहे अपना दर्द बयां करते रहे हैं पर आज राहुल के एक टेलेंट ब्रजेश पांडेय का दर्द सोशल मीडिया के फेसबुक वॉल पर झलक आया । उन्होंने लिखा है
 " कांग्रेस पार्टी के सर्वोच्च नेता माननीय श्री राहुल गांधी टैलेंट सर्च के माध्यम से परीक्षा में पास हुए प्रवक्ता ही पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता है  ना कि नेताओं की सिफारिश से अन्य चिट्ठी धारी लोग इसलिए इलेक्ट्रॉनिक चैनल वालों से आग्रह है पीसीसी से पास उन प्रवक्ताओं को ही अपने चैनल में बिठाए ना की किसी भी ऐरे गैरे लोगों को जिनको प्रवक्ता का 'पा' भी नहीं पता वह टीवी डिबेट में कुछ भी बोल जाते हैं जबकि भाजपा ने भी अभी हाल ही में अपने मापदंड के तहत प्रवक्ताओं पैनलिस्टों की घोषणा की है उन्हीं लोगों के नाम के नीचे प्रवक्ता लिखा जाए अन्यथा टैलेंट सर्च का मतलब ही क्या जिसमें अखबारों में विज्ञापन निकलने के बाद सैकड़ों की तादाद में मप्र के परीक्षार्थी इस परीक्षा में सम्मिलित हुए थे और पांच चरणों की कठिन परीक्षा पास होने के बाद बमुश्किल एक दर्जन कांग्रेसियों का प्रदेश प्रवक्ता हेतु चयन हुआ था विंध्य क्षेत्र से मैं अकेले प्रदेश प्रवक्ता के लिए इस परीक्षा में पास हुआ हूं जिसमें रिटर्न, वाइबा, आइक्यू टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन और अंत में वन टू वन हुआ था इसमें एक दो चरण पास कांग्रेसियों को जिला प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया गया था तो अंतिम तक परीक्षा पास कांग्रेसी को प्रदेश का प्रवक्ता बनाया गया था । "


भाजपा के भी यही हाल


हाल ही में भाजपा ने भी अपने प्रवक्ताओं की सूची जारी की है । जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी में भी दबे छुपे स्वरों में पीड़ा बाहर निकलना शुरू हो गई है । दौड़ से बाहर रह गए नेता इसे वरिष्ठ नेताओं की चाटूकारिता और परिक्रमा से जोड़कर देख रहे हैं । भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में भी प्रदेशाध्यक्ष विष्णु शर्मा की धर्मपत्नी स्तुति शर्मा की परिक्रमा करने वालों को पद से नवाजा गया था ।

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