व्यक्तित्व-"रामराज के आधार शिवराज "
खबर नेशन / Khabar Nation
सत्येंद्र जैन स्वतंत्र पत्रकार
मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय ग्रामीण निकाय एवं नगरीय निकाय के चुनाव में भाजपा को अभूतपूर्व,प्रचंड सफलता प्राप्त हुई है। बाईस हज़ार से अधिक ग्राम पंचायतों में से बीस हज़ार से अधिक भाजपा समर्थित सरपंच,उपसरपंच चुने गए हैं।52जिलों में से 42 ज़िला पंचायत अध्यक्ष,313 जनपदों में से 210 से अधिक जनपद अध्यक्ष भी चुने गए हैं। 16 नगर निगमों में नौ महापौर,चौदह निगम परिषद अध्यक्ष एवं आठ सौ से अधिक वार्ड में से चार सौ पचहत्तर पार्षद भाजपा के हैं जो कांग्रेस से दोगुने हैं। वोट शेयर भी लगभग 55 प्रतिशत है।
इसी प्रकार नगर पालिका और नगर परिषदों में भाजपा के पार्षद कांग्रेस से दोगुने हैं। इस प्रचंड विजय ने भाजपा की शिवराज सरकार के कामों पर और भाजपा प्रदेश संगठन के कुशल चुनाव प्रबंधन पर मोहर लगा दी है। महाविजय का श्रेय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी जाता है।यह प्रमाणित भी हो जाता है कि जनता के लिए “भगवान के वरदान शिवराज सिंह चौहान” हैं।भारतीय इतिहास में भारतीय जनता पार्टी की ओर से सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का कीर्तिमान शिवराज सिंह चौहान के नाम पर है। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान "रामराज" के आधार हैं।मध्य प्रदेश की राजनीति के शिखर पुरुष के रूप में स्थापित हो गए हैं ।उनका यह कीर्तिमान इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। इस प्रकार का कीर्तिमान रचना तभी संभव होता है जब राजनेता अपने प्रदेश रूपी मंदिर में जनता रूपी भगवान की पुजारी के रूप में सेवा करे, कल्याण करे। साढ़े पंद्रह वर्षों से पुजारी रूप में शिवराज सिंह ,मंदिर रुपी मध्य प्रदेश में निवासरत,आठ करोड़ से अधिक भगवान रूपी जनता की अविरल अनथक सेवा ,आराधना करते आ रहे हैं।मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा किया है।उन्होंने मध्यप्रदेश का सर्वांगीण, समावेशी विकास किया है ।
1.उन्नत अर्थव्यवस्था
रामराज का पहला सिद्धांत उन्नत अर्थव्यवस्था है ।राज्य के विकास में वित्तीय प्रबंधन,योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए धन की उपलब्धता,समृद्ध अर्थव्यवस्था का होना परम आवश्यक है।अर्थतंत्र मजबूत होगा तभी जन कल्याण, अधो संरचना विकास तीव्र गति से होगा।त्रेता युग में भगवान राम ने वनवास के समय अपने अनुज एवं अयोध्या के राजा भरत को अर्थशास्त्र का मंत्र दिया था और कहा था -
“बरषत हरषत लोग सब, करषत लखै न कोइ।
तुलसी प्रजा-सुभाग तें भूप भानु सो होइ।।”
सूर्य जिस प्रकार पृथ्वी से अनजाने में ही जल खींच लेता है और किसी को पता नहीं चलता।किन्तु उसी जल को बादल के रूप में इकट्ठा कर वर्षा में बरसते देखकर सभी लोग प्रसन्न होते हैं। इसी रीति से कर संग्रह करके राजा द्वारा जनता के हित में कार्य करना चाहिए।
2003 में जब भाजपा को जनता ने प्रचंड बहुमत रूपी आशीर्वाद देते हुए सत्ता सौंपी थी।उस समय मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी ।ओवरड्राफ्ट की स्थिति थी। प्रदेश की जीडीपी अथवा सकल घरेलू उत्पाद लगभग एक लाख करोड़ रुपए था।भाजपा की शिवराज सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन से बढ़कर के बारह लाख करोड़ रुपए हुआ है, बारह गुना बढ़ी है।राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी लगभग बारह हजार रुपए से दस गुना बढ़ कर सवा लाख रुपये है ।राज्य का बजट भी वर्ष 2003 के सापेक्ष लगभग 18 हजार करोड़ रुपए से वर्ष 2022-23 में पंद्रह गुना से अधिक बढ़कर 2 लाख 79 हजार करोड़ रुपए है।प्रदेश के सकल ऋण का ब्याज भुगतान भी कुल राजस्व का लगभग 23 प्रतिशत से आधा कम होकर 11 प्रतिशत हुआ है। वर्ष 2017 -18 में और भी कम होकर लगभग 7 प्रतिशत हो गया था।राज्य की जीडीपी वृद्धि दर भी लगभग 20 प्रतिशत है। देश की जीडीपी में भी योगदान 3.26 प्रतिशत से बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गया है। उन्नत अर्थव्यवस्था शिवराज के कुशल वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है।
2.उन्नत कृषि एवं कृषक कल्याण
मप्र के अन्नदाता एवं कृषि को समुन्नत करने के लिए भाजपा की शिवराज सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।सात बार कृषि कर्मण सम्मान मिलना शिवराज सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रमाण है। सिंचाई का रकबा भी वर्ष 2003 के सापेक्ष लगभग 8 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 43 लाख हेक्टेयर से अधिक है।खाद्यान्न उत्पादन भी लगभग 220 लाख टन से तीन गुना बढ़कर 600 लाख टन से अधिक हो गया है।किसानों को अनेक लाभकारी योजनाओं द्वारा लाभ पँहुचाया जा रहा है।दो वर्षों में लगभग 16 हजार करोड़ रुपए की बिजली सब्सिडी का लाभ किसानों को मिला है।दो वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपए का ब्याज रहित फसल ऋण किसानों को दिया गया है।फसल बीमा की हजारों करोड़ की राशि किसानों को दी गई है ।दो वर्षों में लगभग पौने दो लाख करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया गया है।रबी की फसल में चना ,मसूर, सरसों का उपार्जन भी गेहूँ से पहले करने का निर्णय भी शिवराज सरकार ने लिया है।अन्न दाता को उर्जादाता भी पीएमकुसुम योजना द्वारा बनाया जा रहा है।वर्षों पुरानी नदी जोड़ो योजना ‘केन-बेतवा लिंक’ को शिवराज सिंह के अथक प्रयासों से मोदी सरकार ने अनुमति दे दी है ।लगभग 45 हजार करोड़ रुपए की इस योजना से 10 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित बनाया जाएगा और बुंदेलखंड की अपार जनसंख्या लाभान्वित होगी।कृषि क्षेत्र में शिवराज सरकार ने अनेक क्रांतिकारी बदलाव किये हैं। किसान आत्मनिर्भर बने इसके लिए उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी विकास और सहकारिता आदि क्षेत्रों को भी अत्यधिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है ।अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके फलदायी परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।वर्तमान बजट में कृषि संबंधी कार्यों हेतु चालीस हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है।
3.अधोसंरचना विकास में बड़ा योगदान
मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास में शिवराज सरकार ने तीव्र गति से कार्य किया है ।इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में पूंजीगत व्यय(केपिटल एक्सपेंडिचर) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की है जो बढ़कर राज्य की जीडीपी का 4 प्रतिशत से अधिक लगभग 49 हजार करोड़ रुपए हो गया है।लगभग दो लाख किलोमीटर की सड़कों का निर्माण किया गया है।बिजली उत्पादन क्षमता भी लगभग 2 हजार मेगावाट से बढ़कर 18 हजार मेगावाट हो गई है।प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रयास शिवराज सरकार कर रही है।शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली पानी, तकनीकी सुधार जैसे क्षेत्रों में आश्चर्यजनक उन्नति हुई है।
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गौरव चतुर्वेदी
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