आउटसोर्स व्यावसायिक शिक्षकों ने वेतन के लिए शुरू की हडताल, सभी विभागों ने दिया समर्थन

राजनीति Feb 02, 2023

खबर नेशन / Khabar Nation  

स्किल इंडिया का फंड, शिवराज सिंह के भाषणों पर खर्च, हजारों शिक्षक वेतन न मिलने से आर्थिक संकट में : वासुदेव शर्मा
भोपाल:
मध्यप्रदेश में संचालित व्यवसायिक शिक्षा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ही संकट में फंसा दिया है, उनके भाषणों के लिए बनाए जा रहे आलीशान मंचों पर स्किल इंडिया का पूरा फंड स्वाहा कर दिया गया, जिसका नतीजा है कि व्यावसायिक शिक्षा दे रहे हजारों शिक्षकों को विगत 9-10 महीने से वेतन नहीं मिला है, उनके परिवार बुरी तरह आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं, वे वेतन की मांग को लेकर तीन दिन से हडताल पर बैठे हैं। फिर भी शिवराज सिंह के शिक्षा विभाग ने वेतन जारी नहीं किया है। मप्र कांग्रेस आउटसोर्स, अस्थाई एवं संविदा कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने सरकार के इस रवैये को गैर जिम्मेदार और गलत बताते हुए व्यावसायिक शिक्षकों की हडताल का समर्थन करते हुए कहा कि सभी विभाग आउटसोर्स व्यावसायिक शिक्षकों के साथ है, और सरकार से तत्काल वेतन जारी करने की मांग करते हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों के वेतन के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों, लोक शिक्षण  संचनालय एवं प्रदेश की भाजपा सरकार को कई पत्र लिखे गए, लेकिन ना विभाग ने सुनी और ना ही सरकार सुन रही है। मजबूरन व्यावसायिक शिक्षकों को हडताल जैसा कदम उठाना पडा है।
श्री शर्मा ने कहा कि नवीन व्यवसायिक शिक्षा को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, लेकिन इसमें कार्यरत आउटसोर्स व्यवसायिक शिक्षकों को वेतन नहीं देना सरकार की रोजगारोन्मुखी शिक्षा के प्रति बेरूखी सामने आ रही है, बिना वेतन के काम कर रहे व्यवसायिक शिक्षकों का धैर्य अब टूट रहा है, दीपावली पर विभाग ने वेतन देने के लिए पत्र जारी किए, लेकिन आज तक वेतन नहीं मिला। आखिर व्यवसायिक शिक्षकों को हर महीने मिलने वाला वेतन कहां जा रहा है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री के आलीशान मंचों और महंगे इवेंटों पर स्किल इंडिया का फंड उडा दिया, जिससे ही वेतन का संकट पैदा हुआ है।
श्री शर्मा ने बताया कि वेतन के बारे में जब विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की तो उनका कहना था कि आउटसोर्स कंपनी वेतन देती है, इसलिए वेतन के बारे में वे ही जानें, जब कंपनी से इस बारे में पूछा तो कंपनी कॉ-ऑर्डिनेटर का कहना है कि शिक्षा विभाग वेतन देगा, तो हम देंगे नहीं तो हम कहां से देंगे। इससे स्पष्ट है कि सरकार व्यावसायिक शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है, इसलिए वेतन का संकट पैदा हुआ है।
शर्मा ने कहा कि आखिर कब तक शिक्षक बिना वेतन के भूखे रहकर काम करे, सरकार की उदासीनता के कारण शिक्षा प्रभावित हो रही है और अब एक माह रह गया है बोर्ड परीक्षा होना है और यदि यह शिक्षक काम बंद हड़ताल पर चले जाएंगे तो बच्चों के भविष्य का क्या होगा?

 

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