सौर ऊर्जा से रौशन हो रहे कार्यालय भवन
भोपाल। मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली की माँग एवं पूर्ति के बीच सामंजस्य स्थापित हो रहा हैं। सौर ऊर्जा का सर्वाधिक उपयोग सरकारी कार्यालयों के भवन में किया जा रहा हैं।
नीमच जिला तो सौर उर्जा का हब बनता जा रहा हैं। सौर ऊर्जा से बिजली पैदा कर नीमच जिला आज बिजली के मामले में आत्म निर्भर बन गया हैं। नीमच का संयुक्त कलेक्टोरे
ट भवन सौर उर्जा से पूरी तरह रोशन हो गया हैं। अन्य सरकारी कार्यालय भी सूरज से बिजली उत्पादन की तैयारी में जुटे हुए हैं। सरकारी कार्यालय भवनों की छत पर सोलर पैनल लगाने की तैयारी चल रही हैं।
सौर ऊर्जा से बिजली बनाने वालों में नीमच जिला संभाग का पहला जिला बन गया हैं। जिले की जावद तहसील के ग्राम भगवानपुरा में 105 मेगावॉट तथा ग्राम पाड्लिया में 25 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किये गये हैं। इनसे प्रति दिन औसत 7 लाख 80 हजार यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा हैं। रतनगढ के सौर उर्जा प्लांट से क्षेत्र को भरपूर बिजली मिल रही हैं। सिंगोली के पठारी क्षेत्र में 900 हेक्टेयर भूमि पर 450 मेगावॉट क्षमता का नया सौर ऊर्जा प्लांट लगने की तैयारी हैं। इससे प्रति दिन लगभग 20 लाख यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन संभावित हैं। प्रदेश में यह दूसरा सबसे बड़ा सौर उर्जा प्लांट होगा। सिंगोली में स्थापित होने वाले इस प्लांट से प्रति दिन 27 लाख 80 हजार यूनिट से अधिक बिजली उत्पादित होगी। ज्ञातव्य हैं कि सौर उर्जा से बनी बिजली की लागत कम होती हैं। यह बिजली प्रदूषण, कार्बन रहित और अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं।
नीमच के कलेक्टोरेट भवन की छत पर 2500 वर्ग फीट में 50 किलोवाटॅ क्षमता का 36 लाख 90 हजार रुपये की लागत से सौर उर्जा प्लांट स्थापित किया गया हैं। छत में 16 सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रत्येक पैनल में 10-10 सोलर प्लेट लगी हैं। अगले चरण में नगरपालिका भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला पंचायत भवन, न्यायालय भवन की छत पर भी सोलर प्लांट स्थापित करने की तैयारी चल रही हैं। जिले के सभी पुलिस थाने और वन विभाग का कार्यालय सौर उर्जा से रोशन हो रहे हैं। नीमच के दूरसंचार विभाग की कार्यालय की छत पर 55 किलोवॉट का सोलर प्लांट स्थापित हैं, जिससे दूर संचार कार्यालय भवन में रोशनी एवं मशीनें चल रही हैं। जिला अस्पताल में भी सौर उर्जा प्लांट स्थापित हो चुका हैं। जावद के सरकारी अस्पताल की छत पर 15 किलोवॉट का प्लांट लगाने की तैयारी चल रही हैं। इस तरह नीमच जिला सौर उर्जा उत्पादन के मामले में आत्म निर्भर होकर सूरज की रोशनी से जगमगाने लगा हैं।
बड़वानी जिले के लेक्टरेट कार्यालय की छत पर सोलर पेनल के माध्यम से 60 किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा। प्रदूषण रहित तैयार यह बिजली, कलेक्टरेट कार्यालय एवं विद्युत विभाग को दी जायेगी।
कलेक्टोरेट कार्यालय पर पेनल लगा रहे प्रकाश सोनटके एवं हरीश पंवार बताते हैं कि कलेक्टरेट कार्यालय की छत पर सोलर पेनल के माध्यम से 60 किलोवाट विद्युत उत्पादन करने के लिये 19 टेबालो पर 188 माड्यूलर स्थापित किये गये हैं। एक माड्यूलर 320 वाट की बिजली बनायेगा। विकेन्द्रीकृत नवकरणीय उर्जा परियोजना के तहत लगे यह पेनल अगले 25 वर्ष तक सतत विद्युत उत्पादन करते रहेंगे । अधीक्षण यंत्री नेगी बताते हैं कि बड़वानी जिले में पड़ने वाली अत्यधिक गर्मी के मद्देनजर यह योजना जिले के लिये अत्यन्त कारगर हैं क्योंकि बड़वानी में गर्मी एवं सर्दी के दौरान तो सूर्य की किरणें सीधे पड़ती ही हैं, वही वर्षाकाल के दौरान भी लगभग 2 माह तक सूर्य की रोशनी उपलब्ध रहती हैं। इस कारण कलेक्टरेट कार्यालय पर लगे यह सोलर पेनल वर्ष में लगभग 300 दिन तक विद्युत उत्पादन करेंगे । नेगी बताते हैं कि जिले में ऐसी दो योजना कलेक्टरेट कार्यालय बड़वानी में 60 किलोवाट एवं खेल परिसर निवाली में 12 किलोवाट की लगवाई गई हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)