मछुआरों के बच्चों को मिलेगी निषादराज छात्रवृत्ति : मंत्री आर्य

मत्स्य महासंघ के श्रमिकों के लिये कर्मचारी भविष्य निधि योजना लागू

मत्स्य पालन मंत्री की अध्यक्षता में हुई मत्स्य महासंघ काम-काजी समिति की बैठक 

भोपाल। मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री अन्तर सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुई मत्स्य महासंघ की काम-काज समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। मछुआरों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिये प्रोत्सहित करने के उद्देश्य से अब अन्य छात्रवृत्ति के साथ निषादराज छात्रवृत्ति योजना का भी लाभ मिलेगा। पहले अन्य छात्रवृत्ति पा रहे मछुआरों के बच्चे इस योजना के पात्र नहीं थे। योजना में सामान्य विषयों में स्नातक स्तर पर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपये तक और तकनीकी विषयों में 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष की दर से सहायता राशि दी जाती हैं। इससे मेधावी छात्र-छात्राओं को लाभ होगा।

बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव वी.सी. सेमवाल, संचालक मत्स्योद्योग ओ.पी. सक्सेना, प्रबंध संचालक म.प्र. मत्स्य महासंघ महेन्द्र सिंह धाकड़, उपायुक्त सहकारी संस्थाएं विनोद कुमार सिंह, उप कृषि उत्पादन आयुक्त वी.एस. धुर्वे भी मौजूद थे।

मत्स्य महासंघ में कार्यरत श्रमिकों के लिये कर्मचारी भविष्य निधि योजना भी लागू कर दी गई हैं। श्रमिकों को इसका लाभ एक जनवरी 2018 से मिलेगा। इसमें महासंघ में कार्यरत श्रमिकों के वेतन से 12 प्रतिशत कर्मचारी अंशदान की कटौती कर और उस पर महासंघ का अंशदान 12 प्रतिशत, इस प्रकार कुल 24 प्रतिशत का अंशदान कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा किया जायेगा।

काम-काज समिति ने वर्ष 2017-18 में स्पान, स्टेर्ण्ड फ्राई उत्पादन, मत्स्य बीज संचय, मत्स्य उत्पादन, मत्स्य कल्याण कार्य-योजनाओं की प्रगति, हलाली जलाशय से तिलोपिया मछली की छटाई, महाशीर मत्स्यबीज उत्पादन आदि योजनाओं की समीक्षा भी की। (खबरनेशन / Khabarnation)

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