स्व-सहायता समूह से आत्म-निर्भर बनी रेखा चौहान
भोपाल। आगर-मालवा जिले के ग्राम कचनारिया की रेखा चौहान की तरक्की में स्व-सहायता समूह के माध्यम से आजीविका मिशन ने हर कदम पर साथ दिया हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण रेखा को अपने परिवार का पालन-पोषण करने में बहुत कठिनाई होती थी। वर्ष 2010 में श्रीकृष्ण स्व-सहायता समूह की सदस्यता बनी रेखा और अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की मन में ठानी।
रेखा ने श्रीकृष्ण स्व-सहायता समूह से प्रारंभ में 10 हजार रुपये का ऋण लिया और खेती में लगाया। इसके पश्चात 5 स्व-सहायता समूहों के लिए बुक कीपर का काम करना शुरू किया। साथ ही, चार ग्राम संगठनों का लेखजोखा का काम भी करने लगी। इससे रेखा को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी होने लगी। पुन: समूह से ऋण प्राप्त कर रेखा ने मोटर-पम्प लगवाया हैं, सिंचाई के लिये पानी की लाइन डलवाई हैं और कुआं गहरा करवाया हैं।
अब रेखा चौहान खेती के साथ-साथ स्व-सहायता समूह से प्रशिक्षण प्राप्त कर फिनाईल एवं सर्फ बनाने का कारोबार भी कर रही हैं। रेखा ने कर्मठ ओर लगनशील गृहणी की मिसाल पेश की हैं। आज 18 हजार रुपये से अधिक प्रति माह मासिक आय प्राप्त कर रही हैं और अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर रही हैं। अब रेखा चौहान केंचुआ खाद तैयार कर बेचने का काम भी करती हैं। इस खाद का खुद भी अपने खेत में उपयोग कर रही हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)