पीडि़त महिलाओं को सुरक्षा देने में असहाय हैं सरकार
बलात्कार पीडि़तों को बंदूक के लायसेंस देना उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने जैसा होगा
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता जे.पी. धनोपिया ने कहा हैं कि यह बड़े ही शर्म की बात हैं कि महिलाओं पर बड़ रहे अत्याचार खासकर बलात्कार की घटनाओं को रोकने में प्रदेश सरकार असहाय साबित हो रही हैं और अपराधियों के सामने घुटने टेक दिये हैं, जिसकी परिणिति बलात्कार की घृणित घटना घटित होने के उपरांत उन्हें ही अपनी सुरक्षा करना होगी, जिसके लिये उन्हें बंदूकों के लायसेंस देने का निर्णय लिया जा रहा हैं। प्रदेश सरकार यह भूल जाती हैं कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी कहा हैं कि बलात्कार पीडि़ता का चेहरा और नाम उजागर नहीं किया जाये, वहीं यह असहाय प्रदेश सरकार उनके नाम से बंदूक का लायसेंस जारी करेगी और वे पीडि़त महिलायें बंदूक लेकर घूमेंगी तथा अपनी लुटी हुई इज्जत को सरेआम करती रहेंगी।
धनोपिया ने उक्त संबंध में तंज कसते हुए कहा हैं कि इस तरह घटना घटित होने के बाद बंदूक का लायसेंस देने से तो अच्छा होगा कि सरकार प्रदेश की सभी असुरक्षित महिलाओं एवं लड़कियों को निःशुल्क रिवाल्वर का हथियार उपलब्ध करायें, जिससे वह अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें तथा बलात्कार की घटना घटित ना हो, इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दें एवं जिस पुलिस थाना क्षेत्र में ऐसी घटना घटित हो उसके प्रभारी को दंडित किया जाये, जिससे कि वह ईमानदारी से क्षेत्र के गुंडे-बदमाशों एवं अवांछित तत्वों पर नजर रखता रहे और महिलाओं के साथ घटनायें घटित न हो सकें।
धनोपिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को सोचना चाहिए कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए गंभीरता से कदम उठाकर ठोस कार्यवाही करें। (खबरनेशन / Khabarnation)