जैविक खेती से आमदनी बढ़ा रहे हैं किसान
भोपाल। मध्यप्रदेश में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के निरंतर प्रयासों से अब अधिकांश किसान जैविक खेती को भी
अपना रहे हैं। जैविक खेती अपनाने से किसानों की आमदनी में अप्रत्याशित वृद्धि दिखाई देने लगी हैं।
आगर-मालवा जिले के ग्राम खजूरी कानड़ के किसान ईश्वर राठौर ने जब से जैविक खेती अपनाई हैं, तब से उनकी खेती से होने वाली आमदनी में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई हैं। ईश्वर सिंह ने 8 से अधिक दुधारु पशु पाले हैं। इन पशुओं के मूत्र तथा गोबर से खाद
बना रहे हैं। इसके अलावा इन्होंने अपने खेत में केंचुआ खाद बनाई हैं। ईश्वर सिंह बताते हैं कि उन्होंने जैविक खाद तैयार कर 7 बीघा जमीन भी खरीदी हैं। आज उनके खेत में 7 व्यक्ति रोजगार पाकर उन्हें जैविक खाद तैयार करने में सहयोग कर रहे हैं।
झाबुआ जिले में अधिकांश किसानों ने जैविक खेती को अपनाया हैं। उन्हीं में से थांदला जनपद के जुलवानिया ग्राम के किसान कालू भी हैं। इन्हें जैविक खेती करने की प्रेरणा आत्मा परियोजना से मिली थी। इन्होंने अपने खेत में 5×10 फीट के 2 वर्मी टांका तैयार किये हैं। इसी के साथ खेत में जैविक कीट व्याधि भी तैयार कर रहे हैं। इसके लिये नीम, धतूरा, करंजा और अरण्डी जैसी वनस्पति का प्रयोग कर रहे हैं। वे बताते हैं कि जैविक खेती से कृषि लागत में कमी आई हैं और आमदनी बढ़ी हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)