वन क्षेत्रों में 15 जनवरी तक होंगे अनुभूति कार्यक्रम
स्कूली बच्चों को प्रकृति से सीधे जोड़ने का अभिनव प्रयास
भोपाल। प्रकृति, वन एवं वन्य प्राणी से स्कूली बच्चों को सीधे जोड़ते हुए उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा 15 दिसम्बर से 15 जनवरी तक अनुभूति कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं। कार्यक्रम में प्रदेश के एक लाख स्कूली बच्चों को जंगलों की जैवविविधता से परिचित कराने के साथ उनके संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भी एहसास कराया जा रहा हैं।
वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल इस कार्यक्रम में प्रदेश के 1938 विद्यालयों के 53 हजार 935 विद्यार्थियों को वन भ्रमण कराकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया था। इस साल भी प्रदेश के 450 वन परिक्षेत्रों में ईको कैम्प आयोजित कर बच्चों को प्रकृति संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। बच्चों के माध्यम से समाज में भी प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति से छेड़छाड़ किये बिना प्रकृति का आनन्द लेते हुए संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करना हैं। सेवारत अधिकारी-कर्मचारी के अतिरिक्त सेवानिवृत्त वन अधिकारियों को भी कार्यक्रम से पूर्व मास्टर टेनर्स के रूप में प्रशिक्षित किया गया हैं।
दिव्यांग विद्यार्थियों ने लिया प्रकृति के सानिध्य का आनन्द
अनुभूति कार्यक्रम में सागर जिले के बया ईको टूरिज्म पार्क, पथरिया जाट में नि:शक्त एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिये ईको कैम्प का आयोजन किया गया। इसमें सागर के दृष्टि एवं श्रवंण बाधित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 9 से 12वीं तक के 90 विद्यार्थी और घरौंदा संस्था के 22 दिव्यांग विद्यार्थी और 33 अन्य दिव्यांगजन शामिल हुए। वन विभाग ने इन विद्यार्थियों को लाने और वापस पहुंचाने के लिए विशेष वाहन और भोजन व्यवस्था की थी। दिव्यांग विद्यार्थियों को ईको पर्यटन, वनस्पति और वन्य प्राणी का पर्यावरण संरक्षण में महत्व आदि के बारे में जाना। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने पेड़-पौधे छूकर और विभिन्न जंगली जानवरों और पक्षियों की आवाज सुनकर उनके बारे में जाना। दृष्टिबाधितों के लिये संगीतमय प्रस्तुति और श्रवणबाधितों के लिये चित्रकला प्रतियोतिगता का आयोजन किया गया।
सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, विधायक प्रदीप लारिया और शैलेन्द्र जैन ने कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र और क्वीज प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेता को क्रमश: 3000, 2000 और 1000 रुपये की नगद राशि वितरित की। बैतूल में भी सरकारी स्कूलों के 126 बच्चों को जंगल भ्रमण कराया गया हैं।
ईको पर्यटन विकास बोर्ड के कार्यपालन अधिकारी पुष्कर सिंह ने बताया कि प्रदेश भर में हो रहे अनुभूति कार्यक्रम में बच्चों को पक्षी एंव वन्य प्राणी दर्शन, जंगल सफारी, ट्रेकिंग, नेचरट्रेल पर प्रकृति व्याख्या, विभिन्न प्रतियोगिताएं क्वीज, रोपणी भ्रमण, जंगल कैसे बने पत्थर, डायनासोर आदि के बारे में मनोरंजक ढंग से जानकारी दी जा रही हैं। बच्चे प्रकृति को सहजता से समझ सकें, इसके लिये उन्हें आकर्षक ब्रोशर भी दिये जा रहे हैं। इन ब्रोशर में आकर्षक फोटोग्राफ के माध्यम से पशु-पक्ष, तितली, जंगल, पर्यावरण आदि की जानकारी दी जा रही हैं।
(खबरनेशन / Khabarnation)