मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त चहेते अफसरों को कब हटायेंगे ?
भोपाल । प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने प्रदेश के तीन आला अफसरों के विरूद्ध प्रधानमंत्री कार्यालय को की गई शिकायत की विवेचना सीबीआई द्वारा करायी गई, जिसमें दिये गये तथ्य सही पाये जाने पर इनके प्रकरण लोकायुक्त को कार्यवाही करने हेतु भेजे गये हैं, ये तीनों ही आईएएस अधिकारी लंबे समय से मलाईदार पदों पर रहकर घपले/घोटाले कर भ्रष्टाचार के पर्याय बन गये हैं। इन तीनों शीर्ष अफसरों जिसमें लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव मोहम्मद सुलेमान, नगरीय प्रशासन विकास आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव विवेक अग्रवाल और पर्यटन विभाग सचिव हरिरंजन राव पर मुख्यमंत्री जी की विशेष कृपा रही हैं, किन्तु अब तो इनके भ्रष्टाचार के कारनामों के दस्तावेज प्रधानमंत्री कार्यालय, सीबीआई से होकर लोकायुक्त तक पहुंच गये हैं। यदि अब भी मुख्यमंत्री जी इन्हें हटाने का साहस नहीं करते हैं, तो यह साबित हो जायेगा कि उनका ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘गुड गर्वेनेंस’ का दावा पूर्णतः खोखला हैं तथा उनकी कथनी और करनी में भारी विभेद हैं।
सक्सेना ने कहा कि राज्य सरकार की अफसरों के साथ सांठ-गांठ के कारण प्रदेश की अफसरशाही निरंकुश और बेलगाम होती जा रही हैं, जो भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ रही हैं। किसी ने दुबई में पांच सितारो होटल खोल लिया हैं और देश की शीर्ष विमानन कंपनी में हिस्सेदारी ले ली हैं, इनके पुत्र-पुत्री की कंपनियां मप्र सरकार से भारी भरकम राशि के टेंडर लेकर करोड़ों रूपये कूट रही हैं। दूसरे अधिकारी ने इंदौर कलेक्टर रहते हुए बिल्डरों, भूमि माफिया और रियल स्टेट के माध्यम से अकूत संपत्ति अर्जित की हैं, इनके परिवहन विभाग में रहते ही सारे सरकारी टोल नाके बंद करवाकर अपने गृह राज्य की कंपनियों के नाम से ठेके दिलवाये, जिनमें भी इनकी भागीदारी हैं। तीसरे अफसर ने करोड़ों रूपयों की कमाई कर एक पेपर मिल के कर्मचारी के नाम पर भारी निवेश किया हैं। प्रदेश में ऐसे ही और भी कई आला अधिकारियों के नाम सुर्खियों में हैं, जिनकी शिकायत प्याज घोटाले, सिंचाई विभाग की करोड़ों रू. की राशि ठेकेदार को एडवांस में दे दी, जो पैसा लेकर भाग गया, इन्होंने 20 करोड़ रू. की फर्जी बैंक गारंटी को भी मान्य कर सरकार को भारी चूना लगाया हैं। ऐसे भ्रष्ट अफसरों की लंबी फेहरिस्त हैं, फिर भी राज्य शासन इन पर कार्यवाही करने की बजाय इनके कारनामों पर पर्दा डालने में लगा रहता हैं।
सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसे भ्रष्ट अफसरों पर, जिनकी शिकायतें लोकायुक्त, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में लंबित हैं, उन पर तत्काल कार्यवाही करें। (खबरनेशन / Khabarnation)