यह शिवराज दोहरा चरित्र है
जो शिवराज अपनी सरकार में मंदसौर में किसानों के सीने पर
गोलियां चलवा कर, न्याय दिलवाने के लिये मंदसौर जाने की बजाय
भोपाल में उपवास पर बैठ गए थे, वह आज विपक्ष में बाढ़ग्रस्त
मंदसौर में किसानो के नाम पर जनता अदालत लगा रहे हैं,
भोपाल,
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि जो शिवराज सिंह अपनी सरकार में, अपना हक मांग रहे किसानों के सीने पर गोलियां चलवा कर, न्याय दिलवाने के लिये मंदसौर जाने की बजाय भोपाल में उपवास पर बैठ गए थे, वह आज विपक्ष में किसानों की चिंता जताकर, मंदसौर में जनता अदालत लगा रहे है, यह उनका दोहरा चरित्र है।
सलूजा ने बताया कि शिवराज सिंह जब प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उनकी सरकार में मंदसौर में अपना हक मांग रहे निर्दोष किसानों के सीने पर 6 जून 2017 को उन्होंने गोलियां चलवा दी थी और इस नृशंस कांड के बाद जब पीड़ित किसानों के परिजन व मंदसौर जिले के लाखों किसान, न्याय की गुहार लेकर शिवराज सिंह को मंदसौर बुला रहे थे, तब मंदसौर जाकर उनसे मिलने की बजाय वे भोपाल में उपवास पर बैठ गए थे और मृत किसानो के परिजनो को दबाव प्रभाव डालकर, जबर्दस्ती शोक की घड़ी में, शोक की रस्म छुड़वाकर भोपाल में शिवराज सिंह से मिलने उपवास स्थल पर बुलवा लिया गया था, यह सच्चाई उस समय उजागर भी हुई थी। वह शिवराज सिंह जी आज विपक्ष में बाढ़ की विभीषिका की चपेट में आए मंदसौर क्षेत्र के किसानों के नाम पर राजनीति करते हुए आज मंदसौर में जनता अदालत लगा रहे हैं। यह उनका दोहरा चरित्र है। जब वे सत्ता में थे, किसान न्याय के लिये उन्हें पुकार रहा था, तब वह नदारद थे और आज जब क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा आई है तो इस संवेदनशील विषय पर किसान राहत चाह रहा है तो वह विपक्ष में आज राजनैतिक रोटी सेक रहे हैं, राहत कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं।
मंदसौर जिले के किसान भाई इस घटना को भूले नहीं है।वह यह भी जानते है कि किस प्रकार गोली कांड के बाद जांच के लिए बने आयोग द्वारा दोषियों को क्लीन चिट दी गई ,अधिकारियों की वापस बहाली की गई और पीड़ितों को न्याय तक नहीं मिला।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर नेता प्रतिपक्ष और तमाम भाजपा नेता भी शिवराज जी के इस धरने से नदारद हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शिवराज जी इस प्राकृतिक आपदा के नाम पर राजनीतिक रोटी सेक रहे हैं। प्रदेश सरकार बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत के समुचित कार्य निरंतर कर रही है। मुख्यमंत्री कमलनाथ जी खुद 23 सितंबर को राहत कार्यों की समीक्षा के लिये व पीड़ित परिवारों से मिलने के लिये मंदसौर व नीमच पहुँच रहे है।भाजपा को इस भीषण प्राकृतिक आपदा के समय राहत में हाथ बटाना चाहिये लेकिन वो राहत की बजाय राजनीति में लगी है।