किसानों से माफी मांगें मंत्री गोपाल भार्गव: रवि सक्सेना

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने प्रदेश की भाजपा सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव के गैर जिम्मेदाराना बयान कि ‘प्रदेश का किसान भावुकता में करता हैं आत्महत्या’ पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश का किसान भाजपा की जीरो प्रतिशत ब्याज, भावांतर योजना, एक लाख रू. के लोन के बदले 90 हजार जैसी हवा-हवाई योजनाओं के भंवर जाल में फंसकर गले-गले तक कर्ज में डूब गया हैं। किसानों को महंगी दरों पर खाद-बीज, बिजली मिल रही हैं, किंतु उसकी फसल का उसे उचित मूल्य नहीं मिल रहा हैं, उसकी लागत भी वसूल नहीं हो पा रही हैं। राज्य सरकार उसकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी नहीं दे पा रही हैं।

उसकी फसलें अतिवृष्टि, सूखा, पाले से लगातार तीन वर्षों से बर्बाद हो रहीं हैं, किन्तु सरकार ना तो उसे मुआवजा दे पा रही हैं औ ना ही बीमा राशि, ऐसी विकट एवं विषम परिस्थितियों के कारण प्रदेश का किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा हैं और मंत्री गोपाल भार्गव किसानों की आत्महत्या पर सरकार की नाकामी को छुपाने हेतु शर्मनाक बयान दे रहे हैं, अन्नदाता की दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियों में हुई मौत पर दुःख व्यक्त करने के स्थान पर उसका मजाक उड़ा रहे हैं, जिसके लिए उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए।
 

सक्सेना ने कहा कि केंद्र सरकार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट एंव पंचायती राज संस्था की रिसर्च में यह तथ्य स्थापित हुए हैं कि मप्र एनसीआरबी की वर्ष 2015-2016 एवं वर्ष 2016-17 के हाल ही में जारी आंकड़ों से भी स्पष्ट हैं कि मप्र में किसानों की आत्महत्या के मामलों में देश के अव्वल राज्यों की श्रेणी में द्वितीय स्थान पर काबिज हैं और प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव प्रदेश के किसानों की आत्महत्या पर दुःख प्रकट करने तथा राहत प्रदान करने के स्थान पर उनका मखौल उड़ा रहे हैं, जो अत्यंत शर्मनाक एवं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

Share:


Related Articles


Leave a Comment