निजी शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता से विद्यार्थी और अभिभावक का बढ़ेगा भरोस

उच्च शिक्षा मंत्री पवैया द्वारा विदेश यात्रा के लिये ऑनलाइन पोर्टल लोकार्पित 
 

भोपाल। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा हैं कि स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निजी भागीदारी की आवश्यकता रहती हैं। निजी क्षेत्र में पारदर्शिता के जरिये विद्यार्थी और अभिभावकों में विश्वास बनाये रखा जा सकता हैं। उच्च शिक्षा मंत्री पवैया ने यह बात नवीन महाविद्यालय, नवीन संकाय और महाविद्यालयों की निरंतरता के लिये विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों को एनओसी जारी करते हुए कही। इस मौके पर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विदेश यात्रा अनुमति के लिये ऑनलाइन आवेदन-स्वीकृति पोर्टल भी लोकार्पित किया।
 

उच्च शिक्षा मंत्री पवैया ने कहा कि निजी महाविद्यालय पूँजी निवेश के उद्देश्य से नहीं आयें। उन्हें अपना दृष्टिकोण बदलकर विद्यार्थियों और स्वयं की आत्म-संतुष्टि के लिये काम कर अपनी विशेष पहचान बनानी होगी। महाविद्यालयों को अपनी गुणवत्ता बनाये रखना बहुत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार आदि की शिकायत विभाग में की जा सकती हैं।
 

पवैया ने 7 संभाग के लगभग 10 अशासकीय संस्थानों को नवीन संकाय, नवीन महाविद्यालय और निरंतरता के प्रमाण-पत्र दिये। उन्होंने फॉरेन टूर एप्लीकेशन पर पी.जी. कॉलेज, भेल की एसोसिएट प्रोफेसर सुसीमा माथुर को स्वीकृति आदेश प्रदान किया। पवैया को संभागों से आये कॉलेज संचालक, मालिक और प्राचार्य ने अपने-अपने सुझाव दिये। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव बी.आर. नायडू और अपर संचालक जगदीश सिंह जटिया भी मौजूद थे।
संस्थान के कर्मचारियों को मिलेगा विशेष भत्ता

 

पवैया ने उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान की सामान्य परिषद की बैठक की में संस्थान में 20 वर्ष से अधिक अवधि पूर्ण कर चुके कलेक्टर दर पर कार्यरत कर्मचारियों को विशेष भत्ता दिये जाने की मंजूरी दी। बैठक में संस्थान में चल रहे निर्माण कार्य, विकास शुल्क वृद्धि, व्यावसायिक पाठ्यक्रम की शुल्क संरचना, संस्थान में सेमीनार हॉल, बालक छात्रावास शुरू करने, शोध केन्द्र स्थापना आदि पर चर्चा की गयी। बैठक में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापना का प्रस्ताव देने को भी कहा गया। (खबरनेशन / Khabarnation)

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