मप्र मानव अधिकार आयोग का दो मामलों में संज्ञान
खबर नेशन / Khabar Nation
महिला आरक्षक ने मासूम छात्रा को पीटा
एसपी पन्ना जांच कराकर तीन सप्ताह में रिपोर्ट दें
पन्ना शहर कोतवाली में मासूम बालिका को मंगलसूत्र चोरी के आरोप में एक महिला आरक्षक द्वारा स्कूल के क्लासरूम से ले जाकर उसे कमरे में बंद कर बाल पकड़कर, पटक-पटककर, डंडों से पीटने और किसी से नहीं बताने की धमकी देकर छोड़ने का मामला सामने आया है। घायल बालिका जिला चिकित्सालय, पन्ना में भर्ती है। महिला आरक्षक की धमकी की वजह से पूरा परिवार दहशत में है। पीड़ित बालिका की मां/आवेदिका अफसाना बेगम पति वसीम खान, निवासी वार्ड नं 11, आगरा मोहल्ला ने बताया कि उनकी पुत्री सानिया खातून (12 वर्ष) राघवेन्द्र टोला, शामाशा, पन्ना में पढ़ने गयी थी, जहां महिला पुलिस आरक्षक द्वारा उसे स्कूल से ले जाकर, एक कमरे में बंदकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गयी, जिससे बालिका को अंदरूनी चोटें आईं हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक, पन्ना के नाम शिकायती आवेदन सौंपकर महिला आरक्षक पर कडी कार्यवाही की मांग की है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने पुलिस अधीक्षक, पन्ना से जवाब मांगकर कहा है कि मामले की जांच करायें और तीन सप्ताह में रिपोर्ट दें।
पुलिस द्वारा थाने में ले जाकर गाली गलौज एवं मारपीट करने का मामला
सीसीटीव्ही फुटेज 18 माह तक सुरक्षित रखें, इसके लिये जरूरी व्यवस्थायें 1 माह में करायें
आयोग ने की अनुशंसा
मप्र मानव अधिकार आयोग ने एक मामले में राज्य शासन को थानों में सीसीटीव्ही फुटेज 18 माह तक संरक्षित रखने के लिये सभी जरूरी व्यवस्थायें एक माह में सुनिश्चित कर लेने की अनुशंसा की है। मामला शहडोल जिले का है। प्रकरण क्र. 5963/शहडोल/2019 में लगातार सुनवाई के उपरांत आयोग ने राज्य शासन को अनुशंसा की है कि थानास्तर पर माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय परमवीर सिंह सैनी विरूद्ध बलजीत सिंह व अन्य (एसएलपी (क्रिमिनल) नंबर-3543/2020, 27 जनवरी 2021) की कण्डिका-17 के अनुसार थानों में क्षमतायुक्त सीसीटीव्ही सिस्टम सुरक्षित करने एवं सीसीटीव्ही कैमरे की फुटेज 18 महीने तक पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिये सभी जरूरी व्यवस्थायें जैसे क्षमतावृद्धि एवं सीसीटीव्ही सिस्टम का रख-रखाव आदि व्यवस्थायें एक माह में कर ली जाये। अनुशंसा में आयोग ने यह भी कहा है कि थानास्तर पर मारपीट/प्रताड़ना/अभद्र व्यवहार की जानकारी/शिकायत प्राप्त होने पर पर संबंधित थाना प्रभारी एवं उनके पर्यवेक्षक अधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, संबंधित थाने में मारपीट/प्रताड़ना/अभद्र व्यवहार की शिकायत की प्रासंगिक अवधि की सीसीटीव्ही वीडियो फुटेज भी सुरक्षित रखी जाये।
उल्लेखनीय है कि आवेदक रामनारायण तिवारी पिता स्व. भैयालाल तिवारी निवासी ग्राम चैरी, जिला शहडोल ने आयोग को दिये आवेदन में कहा कि 17 जुलाई 2021 को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट भवन, रीवा के सामने बने प्रतीक्षालय में बैठा था, तभी टीआई की गाड़ी आई और गाड़ी से दो आदमी उतरे और बोले चलो तुम्हे टीआई बुला रहे हैं और ऐसा कहकर वे उसे सिविल लाइन थाना ले गये और बोले कि गोली खाया है, तब उसने कहा कि मेरी तबीयत खराब है इसलिये गोली खाया है। इसके बाद उसके साथ मारपीट कर घायल कर दिया और पांच हजार रूपये भी छीन लिये गये और धारा 151 लगाकर उसे तहसीलदार हुजूर के समक्ष पेश कर दिया गया। मारपीट से उसके पेट की आंतों में सूजन, दर्द है और पुलिस ने डाक्टर को अपने लपेटे में लेकर उसे संजय गांधी हास्पीटल रीवा से रातोंरात निकलवा दिया। आवेदक मिलते ही मामला दर्ज कर लिया और पुलिस अधीक्षक, रीवा से प्रतिवेदन मांगा था। मामले की सतत् सुनवाई उपरांत आयोग ने यह अंतिम अनुशंसा की है।
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गौरव चतुर्वेदी
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