मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा तीन मामलों में संज्ञान
खबर नेशन / Khabar Nation
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय सदस्य मनोहर ममतानी ने तीन मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
वसूली घटी.... कमिश्नर और दो हजार कर्मचारियों को नहीं मिली सैलरी
आयोग ने निगमायुक्त भोपाल से दस दिन में मांगा जवाब
भोपाल नगर निगम में वसूली घटने के कारण कमिश्नर और दो हजार कर्मचारियों को सितम्बर माह का वेतन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। हालात ये हैं कि त्योहारी महीने में नगर निगम कमिश्नर और अपर आयुक्तों समेत दो हजार से ज्यादा कर्मचारियों की तनख्वाह के लाले पड़ गये हैं। निगम प्रशासन सूत्रों का कहना है कि करीब 11 हजार से ज्यादा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की तनख्वाह के तौर पर दस करोड़ रूपये बांटे जा चुके हैं, लेकिन अफसरों की तनख्वाह के लिये करीब बीस करोड़ रूपये की व्यवस्था अभी नहीं हो पायी है। मामले में आयोग ने आयुक्त, नगर निगम, भोपाल से दस दिन में जवाब मांगा है।
गांव का तालाब फूटा, देर रात पानी घरों में घुसा, गृहस्थी का सामान बहा
आयोग ने कहा - कलेक्टर शिवपुरी एक माह में जवाब दें
शिवपुरी जिले के सिरसौद थानाक्षेत्र के खजूरी गांव में बीते मंगलवार को तडके गांव का तालाब फूट गया, जिससे कई लोगों की गृहस्थी का सामान बह गया। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तालाब फूटने की सूचना पर स्थिति का आकलन करने के लिये दल भेजा गया है। इसके साथ ही तालाब फूटने के कारणों का पता लगाने के लिये जांच के निर्देश भी दिये गये। अभी तक कहीं से किसी जनहानि की सूचना नहीं है। हाल ही में हुई वर्षा के बाद यह तालाब पूरा भर हुआ था। फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। जानकारी के अनुसार सिरसौद थानाक्षेत्र के खजूरी गांव का बडा तालाब फूट गया। जिससे आधे गांव में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने बताया कि रात में अचानक घरों में बाढ़ सी आ गयी। बाद में पता चला कि तालाब फूट गया है। ग्रामीणों ने उन्हें हुये माल नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की है। मामले में आयोग ने कलेक्टर, शिवपुरी से जांच कराकर एक माह में जवाब मांगा है।
दलितों के शमशान पर दबंगों ने किया कब्जा, तान रहे हैं इमारत
आयोग ने कहा - कलेक्टर व एसपी तीन सप्ताह में जवाब दें
सीहोर जिले की इच्छावर तहसील के बोरदीकलां गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों ने बीते मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचकर जनसुनवाई में एक आवेदन दिया। आवेदन में नागरिकों ने शिकायत की है कि बोरदीकलां गांव में शासकीय भूमि पर अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों का पूर्वजों के समय से एक शमशान स्थापित है, जिस पर टीनशेड भी शासन/ग्राम पंचायत द्वारा लगाया गया है। शमशान की भूमि पर बोरदीकलां गांव के ही कुछ दबंगों द्वारा बलपूर्वक जबरिया अतिक्रमण कर कब्जा कर लिया है एवं इस शमशान भूमि पर यह लोग पक्का मकान (इमारत) बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अतः उन्हें उनके शमशान का मालिकाना हक दिलाया जाये। मामले में आयोग ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक, सीहोर से प्रकरण की गहन जांच कराकर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
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गौरव चतुर्वेदी
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