मृतक प्रवासी मजदूरों के परिजनों को 500000  मुआवजा दे सरकार 

Uncategorized Jun 02, 2020

सभी को  10000 की राहत राशि खातों में डालें, वामपंथी समाजवादी दलों ने की सरकार से मांग

इंदौर । शहर के वामपंथी समाजवादी दलों के कार्यकर्ताओं ने कोरोना संकट को लेकर आयोजित बैठक में कहा कि सरकार की लापरवाही के चलते देश के करोड़ों मजदूरों को आफत उठाना पड़ी है, और 1000 से ज्यादा मजदूर घर पहुंचने की जद्दोजहद में अपनी जान गवा चुके हैं । इसके लिए पूर्ण रूप से केंद्र और राज्य की सरकार जिम्मेदार है, इसलिए सरकार को जो भी मजदूर राह चलते मौत के शिकार हुए हैं उन्हें तत्काल 500000 मुआवजा दिया जाना चाहिए । साथ ही मजदूरों किसानों सहित सभी मध्यम वर्गीय और गरीबों को तत्काल 10000 की राहत राशि दी जाना चाहिए  ।साथ ही 3 माह तक बगैर किसी भेदभाव के सभी को केरल और तेलंगाना सरकार की तरह राशन उपलब्ध कराया जाना चाहिए ।  यह  तमाम मांगे शहीद भवन पर हुई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक में की गई ।बैठक की अध्यक्षता रामस्वरूप मंत्री ने की। जबकि बैठक में रूद्र पाल यादव, कैलाश लिबोदिया दिनेश पुराणिक,  गोपाल कुशवाहा, कामरेड अजय सिंह, भागीरथ कछवाह,  सुभाष शर्मा, लक्ष्मण वर्मा, अरुण चौहान,जयप्रकाश गुगरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।  कार्यकर्ताओं का कहना था कि आधा अधूरा लॉक डाउन खोले जाने से मजदूरों को राहत नहीं मिली है । फैक्टरी   चालू हुई है लेकिन लोक परिवहन बंद रहने से वे अपने काम पर नहीं जा पा रहे हैं। साथ ही दुकानें खोलने के आदेश दिया गया है लेकिन ग्राहक को दुकान तक पहुंचने की मनाही है, ऐसे में लोगों की परेशानी ज्यों की त्यों हैं । सोशलिस्ट पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामस्वरूप मंत्री ने बताया कि बैठक में तय किया गया है कि लॉक डाउन से हो रही परेशानी और कोरोना संकट में सरकार की लापरवाही सहित मजदूरों, किसानों, मध्यम वर्गीय और अन्य लोगों की समस्याओं को शासन और सरकार से अवगत कराने के लिए   बुधवार को इंदौर के संभाग आयुक्त संभागायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा । सभी दलों, ट्रेड यूनियनों की ओर से दिए जाने वाले इस ज्ञापन में विभिन्न समस्याओं को हल करने की मांग की जाएगी । साथ ही बैठक में यह भी निर्णय किया गया है कि शहर की विभिन्न बस्तियों में जाकर लोगों से संवाद कायम किया जाएगा और उनकी समस्याओं से शासन और प्रशासन को अवगत कराया जाएगा । बैठक के अंत में सांसद बिरेंद्र कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता कल्पना मेहता, कामरेड गौरीशंकर शर्मा, वरिष्ठ समाजवादी नेता मोहन सिंह शाह, कामरेड देवराम वर्मा ,ओम प्रकाश जयसवाल, श्रीमती शीला कुशवाहा सहित लाक डाउन के दौरान घर जाने की जद्दोजहद में सड़कों पर शहीद होने वाले 1000 से ज्यादा मजदूरों की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें मौन रहकर श्रद्धांजलि अर्पित गयी।

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