महिला सशक्तिकरण के प्रति राहुल के बोल अज्ञानता का सबूतः डॉ. विजयवर्गीय

राजनीति Aug 09, 2018

खबरनेशन/Khabarnation  भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले चार वर्षों में देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में जितना काम हुआ है, उतना आजादी के बाद सत्तर सालों में नहीं हुआ। ऐसे में महिला सशक्तिकरण के पुरोधा के पर्फामेंस को ओझल करके यदि  राहुल गांधी आज के सुरक्षा पर्यावरण को तीन हजार साल पहले से आंकते है तो यही कहा जायेगा कि उनमें परिपक्वता, प्रतिबद्धता और सामान्य जानकारी का अभाव है। पिछले चार वर्षो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नौ करोड़ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा, पांच करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना में धुआं से मुक्ति दिलायी। आठ करोड़ घरों तक रसोई गैस पहुंचायी जा रही है। इतना बड़ा कार्य कांग्रेस सोच भी नहीं सकती। प्रसूति के लिए महिला के खाते में 16 हजार रूपए की आश्वस्ति दी। महिला के सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य हुआ है जिसकी कांग्रेस न तो अपने से तुलना कर सकती है और न महिला परस्त सोच का विश्वास दिला सकती है। उन्हें महिला सुरक्षा पर्यावरण की तीन हजार साल की जानकारी किस जानकार ने दी है उन्हें बताना चाहिए।

                उन्होंने कहा कि आसन्न तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव की आहट पाकर वे महिला आरक्षण की बात करते है, लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि विगत 10 वर्षो तक यूपीए की सरकार का रिमोट उनके हाथ में था उन्हें महिला आरक्षण बिल पारित कराने में किसने रोका था। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सदैव महिला शक्ति का सम्मान किया है। महिला सुरक्षा और सम्मान भाजपा की प्रतिबद्धता है। लोकसभा अध्यक्ष आज सुमित्रा महाजन है। देश की रक्षा का दायित्व सीतारमण संभाल रही है। देश की सर्वोच्च अदालत में तीन जज महिलाएं है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने विदेश मंत्री  सुषमा स्वराज को दायित्व देकर महिलाओं की क्षमता का आगाज कर दिया है। महिला अस्मिता के संरक्षण के लिए सख्त कानून लाया गया है।  राहुल गांधी को व्यक्ति स्पर्धा की आड़ में बार-बार आरोप लगाने के बजाए यह भी बताना चाहिए कि यदि एनडीए सरकार की पहल गलत है तो उनके पास सही रास्ता क्या है ? उन्होंने 10 वर्षो तक सही रास्ते पर चलने को यूपीए को विवश क्यों नहीं किया है।

                डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि महिलाओं के प्रति अत्याचार, दुराचार दुर्भाग्यपूर्ण है। इस पर सख्त कदम उठाने का प्रावधान है। तथापि महिलाओं के प्रति ज्यादती रोकने के लिए कानून के साथ समाज को भी आना पड़ेगा। इस कार्य में  राहुल गांधी को भी भूमिका परिभाषित करना है।

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